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यूपी में इस जगह पर चिमनी की भट्टी में झोंका जाता था नोट

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अभी हाल ही में 2000 रूपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया। इसके बाद फिर से नोटबंदी और नोटों की चर्चा शुरू हो गई। आपको बता दें कि साल 2016 में नोट बंदी के बाद इस नोट को लाया गया था, जिसे अब 23 सितम्बर 2023 तक बैंकों में जमा करना होगा। ये तो हो गई नोट और नोटबंदी (Notebandi) की बात। अब हम आपको बताने जा रहे है कि यूपी के आगरा में एक ऐसी जगह हैं, जहां कई सालों तक नोट और उस समय के करेंसी को जलाया जाता था। इसको जानकर चौंकने की जरुरत नहीं है। इसके ऐतिहासिक तथ्य भी है।

आजादी के पहले जलाए जाते थे नोट 

बताया जाता है कि यूपी के आगरा (Agra) में एक स्थान पर चिमनी के भट्टी में उस समय के नोटों को जलाया जाता था। यह स्थान आज भी छिपीटोला एसबीआई बैंक परिसर में मौजूद है। इस चिमनी के भट्टी में कटे-फटे और खराब नोटों को जला दिया जाता था। इस चिमनी की आज भी चर्चा होती है। लगभग 15 फीट की ऊंचाई वाली इस चिमनी में करेंसी को जलाने के लिए एक भट्ठी बनाया गया था, जिसमें इन नोटों को डाला जाता था।  

ब्रिटिश राज में आगरा का बैंकिंग सिस्टम था बेहद मजबूत 

जानकारों के मुताबिक, उस समय आगरा का बैंकिंग सिस्टम (Banking System) बेहद मजबूत था। इंडियन इंपीरियल बैंक उस जमाने में फटे और खराब नोटों को जमा कर छिपी टोला के इस चिमनी में कई सालों तक जलाती थी। इस बात का जिक्र आगरा के मशहूर इतिहासकार राज किशोर राजे ने अपनी किताब तवारीख-ए-आगरा में भी की है। इस किताब में चिमनी के भट्टी में नोट जलाने का उल्लेख है। यह चिमनी आज भी एसबीआई परिसर में मौजूद है। चिमनी पर लिखा गया है कि ब्रिटिश राज में 1934 तक यहां नोट जलाए जाते थे। आपको बता दें कि अभी इस ऐतिहासिक चिमनी के रख-रखाव का जिम्मा पर्यटन के पास है।

ताजमहल के अलावा ये हैं आगरा के पर्यटन स्थल 

उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) का आगरा शहर पर्यटन (Tourism) के लिए जाना जाता है। यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। दुनियाँ के 7 अजूबों में से एक ताजमहल (Taj Mahal) के लिए प्रसिद्ध आगरा में कई ऐतिहासिक इमारतें आपको देखने को मिल जाएगी, जो इतिहास प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय है। सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी, चौसठ खंभा, मरियम का मकबरा और चिनी का रौजा आदि आगरा के प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां का सुर सरोवर पक्षी अभ्यारण्य काफी खूबसूरत है। इस अभ्यारण्य में आप पक्षी देखने के साथ-साथ झील में बोटिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं।आगरा अपने आप में कई ऐतिहासिक घटनाओं को समेटे हुआ है।

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