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वृन्दावन की रहस्यमयी कहानी जाननें के बाद आप कभी नहीं करेंगे ये भूल

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दुनिया भर में वैसे तो अनेकों ऐसे तीर्थ हैं जिनके मान्ताओं के बारें हमें कहानियां और बातें बताई जाती हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के एक जिले ऐसी भी एक जगह है। जहां आप खुद जाकर भगवान के होने को एहसास कर सकते हो उन्हें महसूस कर सकते हों। कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रेमिका राधा जी आज भी वहां रात के समय आते हैं झूमते हैं, नाचते हैं और विश्राम करते हैं।

मथुरा का धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल-

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित वृन्दावन एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। यह भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रेमिका राधा जी के जन्मस्थान के नाम से भी जाना जाता है और निधिवन में सबसे अधिक मात्रा में तुलसी के पौधे हैं। मान्यता है कि रात के समय राधा और कृष्ण यहां पर रासलीला रचाते हैं। इस दौरान तुलसी के पौधे गोपियां बनकर उनके साथ नाचती हैं और सुबह होने पर तुलसी के पौधे में परिवर्तित हो जाते हैं। इसलिए रात के समय निधिवन में किसी का भी आना वर्जित है। इतना ही नहीं निधिवन में दिन में रहने वाले पक्षी भी शाम होते ही इस वन को छोड़कर चले जाते है। यहां शाम होते हैं आसपास में बने सभी घरों की खिड़की दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। कोई भी खिड़की का जरा सा भी हिस्सा खोल कर नहीं रखता।  

रंगमहल का रहस्य-

वृन्दावन में एक रंगमहल है, जो भगवान कृष्ण और उनकी प्रेमिका राधा को समर्पित है। मान्यता है कि रात के समय राधा और कृष्ण इस रंगमहल में रासलीला रचाते हैं। इस दौरान रंगमहल में मौजूद सारा सामान अस्त-व्यस्त हो जाता है। रंगमहल में कृष्ण और राधा का पलंग लगा दिया जाता है और इसे रंगमहल की तरह सजाया जाता है। राधा जी के श्रृंगार का सारा सामान भी रख दिया जाता है। साथ ही मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। सुबह जब दरवाजा खोला जाता है, तो सारा सामान अस्त-व्यस्त पाया जाता है। यदि इसे कोई छुपकर देखने का साहस करता है तो वह पागल हो जाता है या फिर गूंगा हो जाता है या फिर मौत की नींद सो जाता है। इसलिए रात होते ही मंदिर के कपाट अपने-आप ही बंद हो जाते हैं। यहां पर जाने वाली श्रद्धालुओं, पर्यटकों को तुलसी का एक भी पत्ता साथ में नहीं ले जाने दिया जाता।

आप कभी नहीं करेंगे ये भूल-

इस मान्यता के पीछे एक और कहानी भी है। कहा जाता है कि एक बार एक व्यक्ति ने रात के समय वृन्दावन में आकर तुलसी का एक पत्ता तोड़ लिया। तुलसी के पौधे ने उस व्यक्ति को बताया कि वह राधा और कृष्ण की गोपी है। उसने उस व्यक्ति को रात में वृन्दावन में आने से मना किया। लेकिन व्यक्ति ने उसकी बात नहीं मानी और उसने तुलसी का पत्ता तोड़ लिया। तुलसी के पौधे के तोड़ने से राधा और कृष्ण नाराज हो गए और उन्होंने उस व्यक्ति को शाप दिया। शाप के कारण वह व्यक्ति तुरंत ही पत्थर का हो गया। इस कहानी के बाद से वृन्दावन में रात में जाने पर रोक लग गई। 

रात में सुनाई देती है घुंघरू की आवाज-

वहीं इस रहस्य को जानने के लिए कई बार लोगों ने प्रयास किया और मंदिर में कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन अगली सुबह कैमरे खाली और बंद मिलते हैं। कई लोगों ने कहा है कि उन्हें रंगमहल से नाचने और घुंघरू की आवाज सुनाई देती है। सुबह मंदिर का पट खोलने पर अंदर लगे बिस्तर और समान ऐसे तहस-नहस नजर आते हैं, मानो जैसे कोई इसपर किसी विश्राम किया हो।


 

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