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यूपी सरकार ने रचा एक और कीर्तिमान...

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विकास के पथ पर अग्रसर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है। प्रदेश ने GST और VAT कलेक्शन में बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। यूपी में पहली बार जीएसटी और वैट कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यूपी ने ये कीर्तिमान अपने दम पर हासिल किया है।  

यूपी के वित्तमंत्री सुशेश खन्ना ने दी जानकारी-

यूपी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया है कि सरकार के मुख्य राजस्व वाले मदों में 18,660 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जिसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी GST से हुई है। इस बार करीब 75 हजार करोड़ का कलेक्शन GST से हुआ है। इसके साथ ही वैट से सरकार को 31 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। इससे पहले साल 2022-23 में भी एक लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन तब ये जीएसटी और वैट कलेक्शन 96 हज़ार करोड़ रुपये पर ही रुक गया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस साल अपने लक्ष्य को पार कर लिया है। ये इसलिए और अहम हो जाता है क्योंकि पिछले साल से राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली क्षतिपूर्ति भी बंद हो गई है। राज्य ने जीएसटी और वैट के अलावा आबकारी, स्टांप, खनन और परिवहन में अच्छी ग्रोथ हासिल की है। 

बिना क्षतिपूर्ति के हासिल किया लक्ष्य-

आपको बता दें कि साल 2023-24 के लिए राज्य कर विभाग के लक्ष्य को बढ़ाया गया था। इसे पहले 70 फीसद बढ़ाकर डेढ़ लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। वहीं दूसरी तरफ केंद्र से मिलने वाली क्षति पूर्ति भी बंद हो गई थी ऐसे में विभाग के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई थी। केंद्र सरकार से मिलने वाली 50 हजार करोड़ की क्षतिपूर्ति के बिना इस लक्ष्य को पाना आसान नहीं था लेकिन प्रदेश में कारोबारी ग्रोथ में 16 फीसद की ग्रोथ देखने को मिली, जिससे राज्य कर विभाग को टैक्स कलेक्शन में भी बढ़ोतरी मिली और जीएसटी में छप्पर फाड़ कर कलेक्शन हुआ और यूपी ने नया रिकॉर्ड बना दिया। 

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