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बंगाल की खाड़ी से उठे फेंगल तूफान ने 30 नवंबर की शाम 7:30 बजे तमिलनाडु और पुडुचेरी के समुद्र तट पर दस्तक दी। लैंडफॉल कराईकल और महाबलीपुरम के बीच हुआ, जिसमें तेज हवाओं की गति 90 किमी प्रति घंटे तक रही। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 3 घंटे का समय लगा।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में रेड अलर्ट-
लैंडफॉल के दौरान तमिलनाडु और पुडुचेरी में कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया। भारी बारिश के कारण चेन्नई की सड़कों पर जलभराव हो गया। चेन्नई एयरपोर्ट को 1 दिसंबर सुबह 4 बजे तक बंद कर दिया गया। वहीं, कई ट्रेनें भी लेट हो गईं।
घातक घटनाएं: करंट से हुई मौत-
भारी बारिश के चलते एक ATM के पास शॉर्ट सर्किट के कारण करंट लगने से एक व्यक्ति की जान चली गई। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने के कारण स्थिति और भी खराब हो गई।
तमिलनाडु: सबसे अधिक प्रभावित राज्य
प्रभावित जिले और नुकसान-
तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम और नागपट्टिनम जिलों में स्थिति गंभीर है। यहां स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। नागपट्टिनम में 800 एकड़ से अधिक धान की फसल बर्बाद हो गई।
सरकारी तैयारियां और राहत कार्य
आंध्र प्रदेश: तटीय इलाकों में खतरा बढ़ा
जिले और अलर्ट
फेंगल तूफान का प्रभाव नेल्लोर, चित्तूर, विशाखापट्टनम और तिरुपति जिलों में अधिक देखा गया। 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।
सरकारी निर्देश
पुडुचेरी: पानी और बिजली संकट
निचले इलाकों में जलभराव-
पुडुचेरी के कई इलाकों में पानी भर गया है। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
राहत कार्य और निगरानी
कर्नाटक: 16 जिलों में भारी बारिश
प्रभावित जिले-
उडुपी, चिक्कमगलुरु और चित्रदुर्ग समेत 16 जिलों में 1 से 3 दिसंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
सावधानियां और सरकारी कदम-
सऊदी अरब ने दिया 'फेंगल' नाम
फेंगल नाम सऊदी अरब द्वारा प्रस्तावित किया गया था। यह एक अरबी शब्द है, जो क्षेत्रीय भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। चक्रवातों के नामों का चयन वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के मानकों के आधार पर किया जाता है।
चक्रवातों के नामकरण की प्रक्रिया
साइक्लोन के नामों को सरल, यादगार और सांस्कृतिक रूप से तटस्थ बनाया जाता है। हिंद महासागर में चक्रवातों के लिए नामकरण प्रक्रिया 2004 से शुरू हुई।
फेंगल के बाद अगला चक्रवात 'शक्ति' नाम से जाना जाएगा, जिसे श्रीलंका ने प्रस्तावित किया है।
फेंगल तूफान ने डाला चार राज्यों में गंभीर प्रभाव-
फेंगल तूफान ने चार राज्यों में गंभीर प्रभाव डाला है। राहत कार्य तेज हैं, लेकिन बारिश और तेज हवाओं के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्कता बरतने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
Baten UP Ki Desk
Published : 30 November, 2024, 8:34 pm
Author Info : Baten UP Ki