बड़ी खबरें

मायावती बोलीं- वक्फ संशोधन बिल से हम सहमत नहीं, दुरुपयोग होने पर मुसलमानों का साथ देंगे 10 घंटे पहले बिम्सटेक सम्मेलन में भारत का दबदबा कायम, PM मोदी ने सदस्य देशों को दिया यूपीआई से जुड़ने का प्रस्ताव 10 घंटे पहले थाईलैंड में पीएम मोदी-मोहम्मद यूनुस की अहम मुलाकात; शेख हसीना के हटने के बाद पहली बैठक 10 घंटे पहले डीए में 2 फीसदी बढ़ोतरी के बाद अब जीपीएफ की दरों में वृद्धि नहीं, 7.1% से आगे नहीं बढ़ सकी ब्याज दर 10 घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी, कांग्रेस जल्द खटखटाएगी अदालत का दरवाजा 10 घंटे पहले

CISF Raising Day 2024: जानिए CISF का क्यों हुआ था गठन?

Blog Image

(Special Story) हर साल 10 मार्च को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का स्थापना दिवस (CISF Raising Day) मनाया जाता है।  इस साल CISF का यह 55वाँ स्थापना दिवस है। यह छह अर्धसैनिक बलों में से एक है। और गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। इसकी स्थापना 1969 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) अधिनियम, 1968 के तहत की गयी थी। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force) भारत में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है। सीआईएसएफ भारतीय पुलिस बल का महत्वपूर्ण अंग है जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।आज का दिन देश की प्रगति में इस संगठन के योगदान के एक महत्वपूर्ण दिन के रुप में जाना जाता है। 

CISF स्थापना दिवस के बारे में -

CISF की स्थापना 10 मार्च, 1969 को संसद में एक अधिनियम के पारित होने के बाद की गई थी। संसद के एक अन्य अधिनियम ने 1983 में भारत के एक सशस्त्र बल के रूप में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की स्थापना की गई थी।  CISF अधिनियम के तहत CISF की स्थापना तीन बटालियनों के साथ की गई थी. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बलों की स्थापना देश में औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए की गई थी। CISF को संसद के एक अलग अधिनियम द्वारा सशस्त्र बल बनाया गया था, जिसे 15 जून, 1983 को पारित किया गया था। 

पहली महिला महानिदेशक-

वर्तमान में सीआईएसएफ के 54 साल के इतिहास में पहली महिला महानिदेशक नीना सिंह को बनाया गया है। यह एकमात्र ऐसा बल है जिसके पास अनुकूलित और समर्पित फायर विंग है। 

CISF का फायर विंग

CISF का फायर विंग उद्योगों में दुर्घटनाओं के दौरान मदद करता है। साथ ही CISF  सरकार के संवेदनशील प्रतिष्ठानों  की सुरक्षा करता  है।  पूरे देश में 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों और सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए CISF सुरक्षा प्रदान करता है। यह भारत सरकार के भीतर निजी उद्योगों और अन्य संगठनों को परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है। सीआईएसएफ की कुछ बटालियन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के लिए भी काम करती हैं। 

CISF प्रमुख हस्तियों को देता है सुरक्षा-

 CISF के पास एक विशेष सुरक्षा समूह विंग है, जो कई प्रमुख हस्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है, जिन्हें X,Y,Z और Z प्लस श्रेणियों के तहत वर्गीकृत किया गया है। अग्नि दुर्घटनाओं के लिए इसमें एक विशेष फायर विंग भी है। संवेदनशील सरकारी भवनों की रखवाली के अलावा, सीआईएसएफ सरकार के साथ-साथ निजी उद्योगों को सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा पर परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है।


 CISF देश के  महत्वपूर्ण स्थलों की  सुरक्षा-

* सीआईएसएफ को देश की स्टैच्यू ऑफ युनिटी की भी सुरक्षा में तैनात रहता है।

* सीआईएसएफ बीते कई वर्षों से दुनिया के आश्चर्य में से एक ताजमहल की सुरक्षा में तैनात है।

महत्वपूर्ण  प्रतिष्ठानों को सुरक्षा-

CISF देश  के महत्वपूर्ण  प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। CISF हवाई अड्डों, बंदरगाहों, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, तेल रिफाइनरियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करता है।

औद्योगिक उद्यमों के लिए बेहतर सुरक्षा-

लोगों के लिए सुचारू उत्पादकता और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए, औद्योगिक स्थलों जैसे परमाणु सुविधाओं, एयरलाइनों, जलविद्युत बांधों, ऐतिहासिक स्मारकों, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, और कई अन्य को सीआईएसएफ सुरक्षा की आवश्यकता है। सीआईएसएफ का लक्ष्य है सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों सहित देश में औद्योगिक उद्यमों के लिए बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। 

अन्य ख़बरें