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यूपी में अब मृतक आश्रितों को नहीं मिलेगी ऊंची पोस्ट, नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

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उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर मृतक आश्रित के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव खासकर उन आश्रितों के लिए है, जिनके परिवार का सदस्य चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप डी) में कार्यरत था और उनकी मृत्यु के बाद आश्रित को नौकरी मिलती थी। अब नए नियम के अनुसार, मृतक आश्रितों को उसी श्रेणी यानी चतुर्थ श्रेणी में नौकरी मिल सकेगी, चाहे उनकी शैक्षिक योग्यता समूह 'ग' की हो। समूह 'ग' (ग्रुप सी) की नौकरी के लिए अब उन्हें अवसर नहीं मिलेगा

क्यों किया जा रहा है बदलाव?

यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसे जल्द ही कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। बदलाव का कारण सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया जा रहा है। अभी तक, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के मृतक आश्रित, अगर उनकी शैक्षिक अर्हता (योग्यता) समूह 'ग' की होती थी, तो उन्हें समूह 'ग' की नौकरी दी जा सकती थी। लेकिन नए नियम के अनुसार, आश्रित को सिर्फ उसी श्रेणी में नौकरी मिलेगी, जिस श्रेणी में मृतक कार्यरत था।

कैबिनेट में जल्द होगा प्रस्तुत-

सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव का प्रस्ताव बनकर तैयार है और इसे कैबिनेट के सामने जल्द ही पेश किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह नियम लागू होगा, जिससे मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी की नौकरी ही मिलेगी, चाहे उनकी योग्यता कुछ भी हो। यह नियमावली का संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत किया जा रहा है ताकि सरकारी सेवाओं में अनुशासन और स्पष्टता बनी रहे।

पेंशन राशि कटौती पर सरकार का विचाराधीन निर्णय-

इसके अलावा, पेंशन से जुड़े मसलों पर भी चर्चा हो रही है। हाल ही में संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से मुलाकात की और पेंशन राशि में कटौती को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की। वित्त मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि यह मुद्दा सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

पेंशनर्स के मुद्दों पर वित्त मंत्री की सक्रियता-

वित्त मंत्री को समिति ने 26 नवंबर को लखनऊ में प्रस्तावित पेंशनर्स अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। वित्त मंत्री ने पेंशनर्स की समस्याओं पर भी जानकारी मांगी और उन्हें हल करने का आश्वासन दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में संयोजक एनपी त्रिपाठी, सह संयोजक ओंकार नाथ तिवारी, उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था के उपाध्यक्ष गोपी कृष्ण श्रीवास्तव, और बाबू लाल शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का प्रभाव-

यह महत्वपूर्ण बदलाव सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आ रहा है। वर्तमान में, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मृतक आश्रित यदि शैक्षिक योग्यता रखते हैं, तो उन्हें समूह 'ग' की नौकरी मिल सकती है। लेकिन जल्द ही यह नियम बदल जाएगा और आश्रितों को उसी श्रेणी में नौकरी दी जाएगी, जिसमें मृतक कार्यरत था। इस निर्णय से सरकारी नौकरी में अनुशासन तो आएगा, लेकिन यह देखना बाकी है कि इसका मृतक आश्रितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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