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सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ छात्राएं बुर्के में रैंप वॉक करती हुई नजर आ रही है। इस वीडियो पर जमीयत उलेमा ने कड़ी आपत्ति जताई है। जमीयत ने कहा कि यह एक मजहब को टारगेट करने वाली बात है। बुर्का मुस्लिम महिलाओं का पर्दा, फैशन शो का हिस्सा नहीं।
श्रीराम कॉलेज में फैशन शो का हुआ आयोजन-
बता दे कि यह वीडियो मुजफ्फरनगर के श्रीराम कॉलेज में फैशन शो के आयोजन का है। इस आयोजन में फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी समेत कई अन्य हस्तियों ने हिस्सा लिया। रविवार को शो के अंतिम दिन कुछ छात्राओं ने बुर्का पहनकर रैंप पर कैटवॉक किया था। जिसके बाद वीडियो के वायरल होते ही मुस्लिम संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। जमीयत के मौलाना मुकर्रम कासमी ने इस वीडियो को सरासर गलत ठहराते हुए मुस्लिमों की भावनाओं को भड़काने वाला बताया है।
ऐसा करने वालों पर होगी कार्रवाई-
उन्होंने कहा कि यह एक मजहब को टारगेट करने वाली बात है। ऐसा करके कहीं ना कहीं मुसलमान समाज और उनकी धार्मिक भावनाओं को भड़काया गया है। मौलाना मुकर्रम कासमी ने कहा कि अगर फिर से कोई ऐसे प्रोग्राम करेगा तो संगठन उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा। भले ही इसके लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े। बुर्का एक कपड़ा होता है। महिला घर से बाहर जाने पर उसे पहनकर निकलती है। ताकि उसका चेहरा कोई और आदमी न देख सके। बुर्के को पर्दे के लिहाज से इस्तेमाल किया जाता है। बुर्के को लाल या पीले कपड़ों में सिलवा कर फैशन शो में इस्तेमाल करना सरासर गलत है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्राओं ने बुर्का कैटवाॉक को बताया क्रिएटिविटी-
वहीं रैंप वॉक करने वाली मुसलमान लड़कियों ने कहा कि ये तो एक क्रिएटिविटी और अलग सी एक्टिविटी है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। बुर्का पहनकर रैंप पर कैटवॉक करने वाली अलीना नाम की एक छात्रा का कहना है कि हमारे मनोज सर कहते हैं कि यहां कॉलेज में आकर नई-नई क्रिएटिविटी करो, जिसके चलते हम शॉर्ट ड्रेस बना रहे थे। फिर हमने सोचा कि हमारा मुस्लिम समाज है। हम मुस्लिम समाज की युवतियों के लिए कुछ नया करें। इसलिए हमने बुर्का पहन कर रैंपवॉक करने का सोचा। हमने कुछ गलत नहीं किया। हमारा मानना है कि बुर्के को भी फैशन शो में लाना चाहिए। ये नहीं कि इसे सिर्फ घर में ही पहने रखें।
Baten UP Ki Desk
Published : 28 November, 2023, 11:51 am
Author Info : Baten UP Ki