बड़ी खबरें

भारतवंशी सांसदों ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को बताया आत्मघाती, बोले- अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खतरा 9 घंटे पहले बिम्सटेक सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे थाईलैंड; गर्मजोशी के साथ स्वागत 9 घंटे पहले पीएम मोदी ने देखा रामायण का थाई संस्करण 'रामकियेन', भारतीय प्रवासियों से भी मिले 7 घंटे पहले

दूरसंचार सेवाओं के लिए सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ट्राई ने जारी किया परामर्श पत्र

Blog Image

बीते 18 अगस्त को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ( ट्राई ) ने उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा और सर्विसेज में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 'एक्सेस सर्विसेज (वायरलेस और वायरलाइन) और ब्रॉडबैंड (वायरलेस और वायरलाइन) सेवाओं के लिए सेवा की गुणवत्ता मानकों की समीक्षा' शीर्षक से एक परामर्श पत्र जारी किया है। 

दरअसल देश में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक आजकल कॉल ड्रॉप की शिकायतें पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई ने का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा है कि फोन कॉल कटने से जुड़ी शिकायतों में वृद्धि के कारण दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता के मौजूदा मानकों की समीक्षा करने की जरूरत है।

ट्राई ने कहा कि मोबाइल दूरसंचार में तकनीकी प्रगति और प्रदर्शन प्रबंधन उपकरणों में प्रगति के बावजूद, उपभोक्ताओं के लिए अनुभव की गुणवत्ता (क्यूओई) में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ है। हालांकि क्यूओएस तकनीकी मानकों के मुताबिक हैं। जिसके बाद भी उपभोक्ताओं के लिए समस्याएं जारी हैं। जिसके मद्देनजर जिला स्तर पर दूरसंचार नेटवर्क के प्रदर्शन को परखने के लिए सेवा गुणवत्ता नियमों की समीक्षा करना जरूरी हो गया है। इसके अलावा अब 4जी एवं 5जी सेवाओं को भी इसके दायरे में लाने के बारे में विचार किया जा रहा है। नियामक ने संशोधित नियमों का मसौदा पेश करते बताया कई "देश में व्यापक स्तर पर 4जी नेटवर्क के प्रसार और 5जी सेवाओं की शुरुआत होने के बाद भी कॉल कटने, आवाज न आने और इंटरनेट की सुस्त रफ्तार जैसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।  यह समस्या दूरसंचार नेटवर्क के डिजाइन और जरूरी नेटवर्क संसाधनों की व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती  है"। जिसके चलते सेवा की गुणवत्ता नियमों के तहत कॉल ड्रॉप मापदंडों, कॉल सफलता दर को सख्त किया जाना चाहिए। 

ट्राई ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दे न केवल उपभोक्ता शिकायतों में दिखते हैं, बल्कि संसद के प्रश्नों में भी इनका पर्याप्त उल्लेख होता है। इसके साथ ही सेवा की गुणवत्ता के मानक को 2G और 3G के समय के अनुकूल हैं जबकि देश में अभी LTE (4G), LTE-एडवांस्ड और 5G तकनीक  वाले पैकेट कोर नेटवर्क देश में 75 प्रतिशत से अधिक टेलीकॉम नेटवर्क का हिस्सा हैं। जिसके मद्देनजर मानक और बेंचमार्क बदलने की भी जरुरत है। बेहतर क्यूओएस के लिए मूलभूत आवश्यकता के रूप में पहचानी जाने वाली नेटवर्क उपलब्धता का ग्राहकों को निर्बाध सेवाओं की गारंटी के लिए राज्य और केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर बारीकी से निगरानी की जाएगी। ट्राई ने मसौदा नियमों पर टिप्पणी के लिए आखिरी तारीख 20 सितंबर और जवाबी टिप्पणी के लिए 5 अक्टूबर तय की है।

अन्य ख़बरें

संबंधित खबरें