बड़ी खबरें

'धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी सरकार', वक्फ बिल पर बोले रिजिजू 21 घंटे पहले हार्वर्ड विवि में पढ़ाई जाएगी महाकुंभ की केस स्टडी, देश-दुनिया के 26 संस्थान इस आयोजन पर कर रहे अध्ययन 21 घंटे पहले भारत 100 तो कनाडा व जापान अमेरिकी चीजों पर लगाते हैं 300 से 700% तक टैरिफ 21 घंटे पहले 'मोदी भू-राजनीतिक माहौल में सबसे अहम खिलाड़ी', चिली के राष्ट्रपति ने पीएम की तारीफ में खूब पढ़े कसीदे 21 घंटे पहले

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री बने विष्णुदेव साय, गांव के 'पंच' से बने प्रदेश के मुखिया

Blog Image

आज छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री की कमान विष्णुदेव साय को सौंप दी गई। उन्होंने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। मुख्यमंत्री के साथ उनकी कैबिनेट के दो उप-मुख्यमंत्रियों विजय शर्मा और अरुण साव ने भी शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए हैं। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन साइंस कॉलेज में किया गया था 59 साल के विष्णुदेव साय ने 11वीं तक ही शिक्षा हासिल की है। साय ने 1989 से राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। बतौर पंच उन्होंने सियासी सफर शुरू किया था। इसके अगले साल निर्विरोध सरपंच बने। साल 1990 में ही विधायक चुने गए। विष्णुदेव साय कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। साय ने 25541 वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी यूडी मिंज को हाराया था। 

25 हजार से ज्यादा वोट से जीता चुनाव-

विष्णुदेव साय कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी यूडी मिंज से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने 25,541 वोट के अंतर से यह चुनाव जीता है। विष्णुदेव साय को चुनाव में 87604 वोट मिले हैं। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ की 90 में से 54 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस महज 35 सीटों पर ही सिमट गई।

जानिए कौन हैं नए सीएम विष्णुदेव साय?

छत्तीसगढ़ के नए सीएम विष्णुदेव का का राज्य में बड़ा नाम है। वे आदिवासी समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। विष्णुदेव साय चार बार सांसद, दो बार विधायक, केंद्रीय राज्य मंत्री और दो-दो बार के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके साथ ही साय को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव भी है। साल 2023 में विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुनकुरी सीट से जीत हासिल भी की है। सियासी गलियारों में पहले से ही चर्चा थी कि विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो सकते हैं। क्योंकि विष्णुदेव साय साफ छवि के नेता के रुप में भी जाने जाते हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद भी वे पार्टी से लगातार जुड़े रहे हैं।

विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर-

विष्णुदेव ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1989 से की थी। साय ने राजनीति में गांव के पंच के रूप में कदम रखा था। संघ से जुड़े थे। भारतीय जनता पार्टी ने साल 1990 में उनके ऊपर भरोसा जताकर तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट दिया, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार के सांसद भी चुने गए। इसलिए विष्णुदेव साय को आदिवासी समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। आदिवासी कोटे से आने के कारण विष्णुदेव साय सीएम पद के लिए प्रबल दावेदार भी थे। 

विष्णुदेव का राजनैतिक घटनाक्रम-

1989 में ग्राम पंचायत बगिया के वह पंच बने।
1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच चुने गए।
1990 से 1998 तक मध्य प्रदेश विधानसभा में तपकरा से विधायक रहे।
1999 में रायगढ़ से सांसद निर्वाचित हुए।
2004 में दोबारा रायगढ़ से चुने गए।
2006 में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बने
2009 में तीसरी बार रायगढ़ से सांसद बने।
2011 में दूसरी बार छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष का दायित्व संभाला।
2014 में चौथी बार रायगढ़ से सांसद चुने गए।
27 मई, 2014 से 2019 तक नरेन्द्र मोदी की सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रहे। उन्होंने मोदी सरकार में इस्पात, खान, श्रम और रोजगार मंत्रालय का दायित्व संभाला।
2020 से 2022 तक तीसरी बार छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
दिसंबर, 2022 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए।
आठ जुलाई, 2023 को राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य चुने गए।
विधानसभा चुनाव 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी यूडी मिंज को 25,541 वोटों से हराकर विधायक निर्वाचित हुए और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं।

संघ के करीबी नेताओं में भी होती है साय की गिनती-

साय की गिनती संघ के करीबी नेताओं में भी होती है। वह पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेहद करीबी भी माने जाते हैं। साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया था। मालूम हो कि राज्य में अजित जोगी के बाद कोई भी दूसरा आदिवासी समुदाय से मुख्यमंत्री नहीं बना था।

विष्णुदेव की परिवारिक पृष्ठभूमि-

विष्णुदेव साय का जन्म छत्तीसगढ़ में जशपुर के बगिया गांव के किसान परिवार राम प्रसाद और जसमनी देवी के घर हुआ। 11वीं पास साय ने 1991 में कौशल्या देवी से शादी की और उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। पहले दौर की बैठक के बाद पर्यवेक्षकों को केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अपनी पसंद के रूप में साय के नाम की घोषणा करने का निर्देश दिया गया। पर्यवेक्षकों को विधायकों को यह सूचना देने के लिए भी कहा गया कि नेतृत्व ने पूर्व सीएम रमन सिंह को स्पीकर, साहू समाज से जुड़े अरुण साव और विजय शर्मा को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला किया है। इसके बाद वन टू वन बैठक में विधायकों को इस फैसले की जानकारी दी गई थी। 


आपको बता दें कि 1999 से 2019 तक लगातार चार बार रायगढ़ से लोकसभा चुनाव जीते। विधायक, सांसद, मंत्री बनने के बावजूद उन्होंने सरगुजा स्थित अपने गांव के अलावा कहीं घर नहीं बनाया।

 

 

 

 

अन्य ख़बरें

संबंधित खबरें