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यूपी की 50 हजार किमी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, जितिन प्रसाद ने दिए निर्देश

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अब यूपी की सड़कें होंगी और बेहतर और गढ्ढामुक्त। मानसून थमते ही 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू किया जाएगा। इतना ही नहीं सभी संबंधित विभागों को मिलकर 23000 किलोमीटर सड़कों को नए सिरे से बनाना होगा। PWD मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक कर सभी अधिकारियों को दीपावली से पहले सड़कों को गढ्ढामुक्त करने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। 

गड्ढा मुक्ति अभियान में 10 विभाग शामिल-

प्रदेश में गड्ढा मुक्ति अभियान में 10 विभाग शामिल होंगे सर्वे के अनुसार सभी विभागों को कुल 50000 किलोमीटर सड़के गड्ढा मुक्त करनी होंगी। इसके साथ ही करीब 23000 किलोमीटर सड़क पर नवीनीकरण या विशेष मरम्मत का काम करना होगा। इसमें 44887 किलोमीटर सड़कों को पीडब्ल्यूडी गढ्ढामुक्त करेगा। जबकि उसे 17581 किलोमीटर लंबी सड़कों का नवीनीकरण करना होगा। इस अभियान के तहत PWD कुल 624 457 किलोमीटर में काम कराएगी। आपको बता दें कि पीडब्ल्यूडी के अधीन 2,78,000 किलोमीटर और अन्य भागों के पास 1,06,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क है। इस तरह से प्रदेश में कोई 3 लाख 84 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क है।

3 वर्ष पहले बनी सड़कों की होगी पैच मरम्मत-

आपको बता दें कि पैच मरम्मत का कार्य सिर्फ उन्ही सड़कों का किया जाएगा। जिनका निर्माण तीन वर्ष या उससे पहले हुआ हो। रखरखाव या निर्माण कार्य में मैनुअल के स्थान पर नई तकनीक का आधिकारिक उपयोग किया जाएगा। 

सड़कें नहीं होनी चाहिए छतिग्रस्त, बजट की कोई कमी नहीं-

पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा है कि सीएम के निर्देशों को देखते हुए मौसम ठीक होते ही सड़कों को गढ्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पूरे प्रदेश में कोई सड़क नहीं टूटी होनी चाहिए बजट की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ी तो संसाधनों को बढ़ाया भी जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां सड़कों पर पानी का जमाव होता है। वहां पानी निकासी की व्यवस्था करें। सड़क बनाने वाली एजेंसी या ठेकेदार सड़क बनने के बाद अगले 5 वर्ष तक अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी उठेगा। इस बारे में नियम शर्ते स्पष्ट रूप से उल्लेखित की जाएं। गांव को कस्बों और कस्बों को शहर से जोड़ने वाले मार्ग दुरुस्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और राज्य मंत्री विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे और निर्माण कार्यों पर भौतिक सत्यापन भी कराएंगे।

 

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