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अनु रानी ने एशियन गेम्स में लहराया यूपी का परचम, भारत को दिलाया 15वां स्वर्ण पदक

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चीन के हांगझोउ शहर में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2023 में भारतीय एथलीट्स का जलवा बरकरार है। एशियाड में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी है। ज्योति और ओजस ने स्वर्ण जीता, मंजू रानी-राम बाबू को कांस्य मिला है। कुल पदक की संख्या 71 पहुंच गई है। आपको बता दें कि 10वें दिन भारत को कुल 2 गोल्ड मेडल हासिल हुए थे। पहला 5000 मीटर महिला रेस में पारुल चौधरी ने जीता था और दूसरा भारत की एक और शानदार एथलीट अनु रानी (Anu Rani) ने जैवलिन थ्रो में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है। अनु रानी ने एशियन गेम्स में भारत को 15वां स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने चौथे प्रयास में अपने सीजन का सबसे बहेतरीन प्रदर्शन करते हुए  62.92 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। श्रीलंका की नदीशा दिलहान दूसरे नंबर पर रही उन्होंने रजत पदक जीता। अनु जीत के बाद भारत का तिरंगा लेकर दौड़ने लगीं वह काफी खुश भी दिखाई दे रही थी। आइए आपको बताते हैं कौन है अनु रानी जिन्होंने यूपी समेत भारत का नाम रोशन किया है।

अनु रानी को जानिए-

अनु रानी 2019 के विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहली भारतीय महिला थीं जो भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में  पहुंची थी। ये वही है जिन्होंने ओलंपिक क्वालिफिकेशन मार्क से चूकने के बाद विश्व रैंकिंग के माध्यम से 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। 2020 में एथलेटिक्स में स्पोर्टस्टार एसेस स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़़ द ईयर अवार्ड जीता था। अनु रानी ने इस सीजन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 62.92 मीटर की दूरी तक भाला फेंका और एशियन गेम्स में भारत को 15वां स्वर्ण पदक  दिलाया। अनु रानी एक कृषि परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वो मेरठ से सटे सरधना क्षेत्र के बहादरपुर गांव की रहने वाली हैं। बचपन से ही जैवलिन थ्रो में अपना करियर बनाना चाहती थी। लेकिन उनके पिता इसके लिए राजी नहीं थे। हालांकि, उन्होंने पिता को मनाना जारी रखा था।

बांस का बनाया भाला-

अनु के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह एक भाला खरीद सकें। इसके बाद उन्होंने एक बांस को ही भाले का आकार दिया और उससे प्रैक्टिस करना शुरु किया, और जिला स्तर से खेलते-खेलते वह यहां तक पहुंच गईं।अन्नू रानी ने एशियाड में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं। 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब एशियाई खेलों में महिलाओं के भाला फेंकने में किसी भारतीय ने स्वर्ण जीता है।

सीएम योगी ने की खिलाड़ियों की सराहना-
 
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एशियाड में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि एशियाई खेलों में हर दिन भारतीय खिलाड़ी इतिहास रच रहे हैं। देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। देश का प्रत्येक खिलाड़ी पदक के लिए नहीं, देश के सपने को पूरा करने के लिए खेल रहा है और अब सरकार अपने खिलाड़ियों के सपने पूरे करेगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की कोशिशों के क्रम में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के पदक विजेताओं को उत्तर प्रदेश सरकार में नौकरी देने की नीति लागू की है। अब तक बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को इस नीति का लाभ मिला है। बीते वर्ष मुख्यमंत्री योगी ने ओलंपिक और पैरालम्पिक खेलों के पदक विजेताओं का सार्वजनिक सम्मान किया था।

 

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