बड़ी खबरें

मायावती बोलीं- वक्फ संशोधन बिल से हम सहमत नहीं, दुरुपयोग होने पर मुसलमानों का साथ देंगे 9 घंटे पहले बिम्सटेक सम्मेलन में भारत का दबदबा कायम, PM मोदी ने सदस्य देशों को दिया यूपीआई से जुड़ने का प्रस्ताव 9 घंटे पहले थाईलैंड में पीएम मोदी-मोहम्मद यूनुस की अहम मुलाकात; शेख हसीना के हटने के बाद पहली बैठक 9 घंटे पहले डीए में 2 फीसदी बढ़ोतरी के बाद अब जीपीएफ की दरों में वृद्धि नहीं, 7.1% से आगे नहीं बढ़ सकी ब्याज दर 9 घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी, कांग्रेस जल्द खटखटाएगी अदालत का दरवाजा 9 घंटे पहले

आज दिल्ली एयरपोर्ट की कमान सिर्फ महिलाओं के हाथ

Blog Image

आज दिल्ली एयरपोर्ट का नजारा बिलकुल बदला-बदला सा नज़र आ रहा है। जिधर भी आप नज़र दौड़ाएंगे उधर आपको महिलाएं ही नज़र आएंगी। सभी टर्मिनल पर सिर्फ महिलाएं ही नजर आ रही हैं। इतना ही नहीं बल्कि एयरपोर्ट को भी गुलाबी रंग से सजाया गया है। ऐसा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के चलते किया गया है। एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी ने आज ऑल वुमन शिफ्ट की घोषणा की है।

क्या है पिंक शिफ्ट-

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस होने के चलते एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी ने खास व्यवस्था की है जिसके तहत आज ऑल वुमन शिफ्ट की घोषणा की गई है। कहने का मतलब आज एयपोर्ट की पूरी कमान महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है। इसका मकसद एविएशन इंडस्ट्री में समानता को बढ़ावा देना है। इसीलिए इसे पिंक शिफ्ट नाम दिया गया है। एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनलों पर महिलाएं तैनात रहेंगी। महिला कर्मचारी आठ घंटे की पूरी शिफ्ट संभालेंगी। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि आठ मार्च को पूरे एक शिफ्ट में सिर्फ महिलाएं होंगी। टर्मिनल के संचालन में महिलाओं का विशेष योगदान बराबर रहता है। 

महिला पेशेवरों को मिलेगी प्रेरणा- 

एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी की यह पहल विमानन सेक्टर में अपना कॅरिअर बनाने के लिए इच्छुक महिला पेशेवरों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। लैंगिक रूढ़ीवादिता को तोड़ने में कारगर साबित होगी। इसके साथ ही टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने बताया कि लाइन वुमन आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा की किरण है। इस क्षेत्र में महिलाओं की असीमित क्षमता है। विभिन्न शहरों की लाइन वुमन को इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। दिल्ली से कर्नाटक तक और मध्य प्रदेश से उत्तराखंड तक महिलाएं पुरानी धारणाओं को तोड़कर लाइनकर्मी, इंजीनियर और लीडर बन कर अपनी पहचान बनाने में लगी हुई हैं। यह सभी महिलाएं पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। 

 

अन्य ख़बरें

संबंधित खबरें