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चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद की ली शपथ...

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक चंपई सोरेन झारखंड के नए सीएम बन गए हैं।  राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने चंपई सोरेन को शुक्रवार दोपहर 12:20 पर मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई है। बता दें कि उन्होंने झारखंड के 12वें सीएम पद की शपथ ली है। 31 जनवरी की रात झारखंड के पूर्व सीएम की गिरफ्तारी और उनके इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री पद खाली था और कोई कार्यवाहक मुख्यमंत्री भी नहीं था। 

आलमगीर आलम और सत्यानंद भोक्ता ने ली मंत्री पद की शपथ-

इसके बाद कल रात 11:00 बजे चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया था और राज्यपाल ने उन्हें सीएम पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया था। जिसके बाद आज उन्हें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। चंपई सोरेन के साथ कांग्रेस के आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली। बताया जा रहा है कि चंपई सरकार में दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। सरकार को 10 दिन में बहुमत साबित करना होगा। शपथ के बाद सभी विधायक हैदराबाद के लिए रवाना हो गए।

झारखंड राज्य आंदोलन में लड़ी थी लंबी लड़ाई-

आपको बता दें कि चंपई सोरेन भी शिबू सोरेन की ही तरह संथाल आदिवासी है। चंपई सोरेन को हेमंत सोरेन के कैबिनेट में भी उन्हें संकट मोचक के तौर पर देखा जाता रहा है। दरअसल, चंपई सोरेन ने अलग झारखंड राज्य आंदोलन में लंबी लड़ाई लड़ी थी। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में कई बार विभाजन के बाद भी शिबू सोरेन के साथ डटे रहें। 1991 में वह पहली बार साल  विधायक बने थे। 1991 में उन्होंने निर्दलीय जीत दर्ज की थी बाद में वो जेएमएम में शामिल हो गए। साल 2000 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन 2005 के बाद से वो लगातार जीतते रहे हैं। 

कोरोना के दौरान लाखों लोगों के मसीहा बने चंपई-

इसके बाद पहली बार बीजेपी और झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन की सरकार में वो मंत्री बने थे। बाद में वो हेमंत सोरेन के पहले कार्यकाल में भी मंत्री बने। साल 2019 के चुनाव में कोल्हान क्षेत्र में जेएमएम की अच्छी जीत में भी उनका बड़ा योगदान माना जाता है। कोरोना संकट के दौरान चंपई सोरेन की जमकर चर्चा हुई. सोशल मीडिया के माध्यम से ही उन्होंने अन्य राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों की मदद की और बाद के दिनों में भी झारखंड के किसी भी समस्या के समाधान के लिए लोग चंपई सोरेन के पास फरियाद लगाते रहे हैं। 

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