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अमित शाह का बड़ा ऐलान, लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा  CAA

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गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट  यानि CAA  लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश में लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि CAA देश का कानून है  इसे चुनाव से पहले नोटिफाई किया जाएगा और इसे लागू भी किया जाएगा। इसे लेकर किसी को कोई कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए। वहीं इसके लिए एक पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे देश के अल्पसंख्यक समुदायों, खासतौर पर मुस्लिम समुदाय को उकसाया जा रहा है। CAA किसी की नागरिकता नहीं छीन सकता है, क्योंकि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। CAA ऐसा एक्ट है जो बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अत्याचार सहन कर रहे रिफ्यूजियों को नागरिकता दिलाएगा।

क्या है CAA?

CAA के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 के पहले आने वाले 6 अल्पसंख्यकों (हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी) को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। इसके लिए इन 3 देशों से आए विस्थापितों को कोई दस्तावेज देने की भी जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि संसद ने दिसंबर 2019  में संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी थी और बाद में राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इसके विरोध में देश के कुछ हिस्सों में बड़े प्रदर्शन हुए थे। कई राजनीतिक दलों ने भी इसका विरोध किया था। उस वक्त केंद्र सरकार इसे लागू करने का मन बना चुकी थी, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई। 

2019 में लोकसभा-राज्यसभा से पास हो चुका है बिल-

11 दिसंबर 2019 को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (CAA) के पक्ष में 125 और खिलाफ में 99 वोट पड़े थे। अगले दिन 12 दिसंबर 2019 को इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी। देशभर में भारी विरोध के बीच यह बिल दोनों सदनों से पास होने के बाद कानून की शक्ल ले चुका था। इसे गृहमंत्री अमित शाह ने 9 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया था। 

1955 के कानून में किया गया संशोधन-

2016  में नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 (CAA) पेश किया गया था। इसमें 1955 के कानून में कुछ बदलाव किया जाना था। यह बदलाव इस प्रकार थे- भारत के तीन मुस्लिम पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देना।12 अगस्त 2016 को इसे संयुक्त संसदीय कमेटी के पास भेजा गया था और कमेटी ने 7 जनवरी 2019 को रिपोर्ट सौंपी थी।

 

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