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एशिया में तीसरे नंबर पर हैं भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली, आईआईटी देश के सबसे बेहतर संस्थान

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किसी देश में अच्छे शिक्षण संस्थान होने का मतलब है उस देश की तरक्की के कदम आगे की ओर बढ़ रहे हैं। अच्छे शिक्षण संस्थान देश के लिए सिरमौर होते हैं। दरअसल  क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 के लिए सबसे बेहतर विश्वविद्यालयों के लिए लिस्ट जारी की गई है। जिसमें अमेरिका का मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी टॉप पर है। कई पैमानों पर आंकलन करने के बाद इसे दुनिया का सबसे अच्छा शिक्षण संस्थान माना गया है। इस  सूची में अमेरिका और ब्रिटेन के चार-चार संस्थान शामिल हैं लेकिन भारत का कोई भी संस्थान टॉप 100 में शामिल नहीं है। हालंंकि इस  रैंकिंग में शामिल 46 भारतीय संस्थानों में से ज्यादातर की रैंकिंग बेहतर हुई है।

भारत में टॉप पर है आइआइटी बॉम्बे-

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आइआइटी बॉम्बे को देश में पहला स्थान मिला है इसकी रैंकिंग 118वीं है। जबकि आइआइटी दिल्ली ने दूसरा स्थान पाया है और  इसकी रैंकिंग 150वीं है।

आईआईटी देश के सबसे बेहतर संस्थान-

क्यूएस रैंकिंग में टॉप जगह पर देश की आईआईटी शामिल हैं। आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली के अलावा आईआईटी खड़गपुर को 222वीं रैंक मिली है। आईआईटी मद्रास को 227, आईआईटी कानपुर को 263, आईआईटी रूड़की को 335, आईआईटी गुवाहाटी को 344वीं रैंक मिली है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस को 211वीं रैंक मिली है और इसमें 14 पॉइंट का सुधार हुआ है। जी20 देशों में भी सबसे तेजी से भारतीय यूनिवर्सिटीज का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है।

एशिया में तीसरे नंबर पर भारत

अगर रैंकिंग में शामिल विभिन्न देशों के संस्थानों की लिस्ट देखें तो भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली प्रतिनिधित्व के मामले में वैश्विक स्तर पर सातवें और एशिया में तीसरे स्थान पर है। एशिया में जापान पहले स्थान पर और चीन दूसरे स्थान पर है।  आपको बता दें कि क्यूएस ने सस्टेनेबिलिटी और एम्प्लोयबिलिटी को ध्यान में रखते हुए यह रैंकिंग तैयार की है। 

भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में टॉप पर डीयू-

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2025 में डीयू ने भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही देश भर के अन्य संस्थानों की सूची में पिछले वर्ष के 9वें स्थान के मुक़ाबले डीयू इस बार सातवें स्थान पर पहुंचा है। डीयू पिछले साल के मुकाबले 79 पायदान आगे बढ़ा है। जेएनयू ने भी अपनी स्थिति सुधारते हुए 30 स्थान आगे बढ़ा। पिछले वर्ष आइआइटी दिल्ली 197वें और डीयू 407वें स्थान पर था। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने स्थिति में सुधार किया है। 30 स्थान रैंक में बेहतर हुई है। इस वर्ष उनकी रैंक 580 आई है। पिछले वर्ष 601- 610 थी।

यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग में हुआ सुधार

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2025 में देश के IIT और यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग में अच्छा सुधार देखने को मिला है क्योंकि देश के 46 शिक्षण संस्थान इस लिस्ट शामिल हो गए हैं। 2015 में इस लिस्ट में केवल 11 भारतीय यूनिवर्सिटीज ही शामिल थीं। लेकिन इस बार विश्व के टॉप 150 संस्थानों में भारत की दो IIT को जगह मिली है। आईआईटी बॉम्बे की पिछली रैंकिंग 149 थी, जिसमें 31 पॉइंट का सुधार होते हुए यह 118 रैंक तक पहुंच गई है। आईआईटी दिल्ली ने अपनी रैंकिंग में 47 पॉइंट सुधार करते हुए 150वां स्थान हासिल किया है। 

इन संस्थानों की रैंकिंग में हुआ सुधार-

  • जेएनयू की रैंकिंग 21 पॉइंट बेहतर होकर 580 पर है।
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रैंकिंग भी पहले के मुकाबले बेहतर होकर 851-900 के बीच है।
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में बिना किसी बदलाव के 1001-1200 तक है। अलीगढ़
  • मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रैंकिंग भी पिछली बार की तरह इस बार भी 1001-1200 तक है।
  • दिल्ली की आईपी यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में दो पॉइंट का सुधार हुआ है और यह अब 1001-1200 तक है।

टॉप 100 में क्यों नहीं शामिल हो पाता भारत-

भारत की शिक्षा प्रणाली पिछले कई सालों से जोरदार बहस का केंद्र रही है। प्रतिष्ठित आईआईटी और आईआईएम की मौजूदगी के बावजूद, वैश्विक संस्थागत रैंकिंग की बात करें तो भारतीय शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों की रैंकिंग टॉप 100 में नहीं आ पाती। प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2015 में भी भारत का कोई भी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान शीर्ष 100 में सूचीबद्ध नहीं था। इसके विपरीत चीन के 8 शैक्षणिक संस्थान शीर्ष 100 रैंकिंग में शामिल हैं। 

वर्तमान में करने होंगे ये प्रयास-

शिक्षा का एक प्राचीन केंद्र, भारत कभी तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों का घर था , जो विदेशी छात्रों को भी आकर्षित करते थे। दुर्भाग्य से, वह बहुत दूर अतीत था। वर्तमान में, हमें एक नया शैक्षिक बुनियादी ढांचा बनाने के लिए नए विचारों और शिक्षण तंत्रों के संचार की आवश्यकता है जो न केवल ज्ञान प्रदान करे, बल्कि नई सोच को प्रोत्साहित करे और नई पीढ़ी में नवाचार की भावना को बढ़ावा दे।हमें विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए वैश्विक संस्कृति बनाने की आवश्यकता है, दुनिया भर के सर्वोत्तम संस्थानों से शिक्षण में विचार लेने होंगे तथा शिक्षा की शीर्ष-स्तरीय पद्धति से आगे बढ़कर सीखने की अधिक जैविक संस्कृति की ओर बढ़ना होगा।

दुनिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज

वर्ल्ड की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज में अमेरिका की MIT नंबर वन पर है।

1-मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

2-इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन

3-हार्वर्ड यूनिवर्सिटी

4-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी

5-कैंब्रिज यूनिवर्सिटी

6-स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी 

7- स्विस फेडरेरल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी 

8-नैशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर,

9-इंग्लैंड की यूसीएल

10-अमेरिका का कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी 

 

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